Ranchi : सीबीएसई बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच बढ़ते तनाव और सवालों को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 24×7 पोस्ट रिजल्ट सपोर्ट सेवा शुरू की है। अब छात्र, अभिभावक और स्कूल रिजल्ट, मूल्यांकन और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सवालों के लिए सीधे बोर्ड से संपर्क कर सकेंगे।
बोर्ड ने छात्रों की सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-8004 जारी किया है। इसके अलावा आधिकारिक ईमेल आईडी resultcbse2026@cbseshiksha.in भी जारी की गई है, जहां छात्र अपनी समस्याएं और सवाल भेज सकते हैं।
बोर्ड ने छात्रों की सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-8004 जारी किया है। इसके अलावा आधिकारिक ईमेल आईडी resultcbse2026@cbseshiksha.in भी जारी की गई है, जहां छात्र अपनी समस्याएं और सवाल भेज सकते हैं।
अनधिकृत ईमेल से सावधान रहने की अपील
सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी अनधिकृत ईमेल आईडी या फर्जी प्लेटफॉर्म पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। बोर्ड ने कहा है कि केवल आधिकारिक हेल्पलाइन और ईमेल के माध्यम से ही सहायता प्राप्त करें।
रिजल्ट के बाद तनाव कम करने की पहल
सीबीएसई का कहना है कि बोर्ड रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्र तनाव, भ्रम और मानसिक दबाव का सामना करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष सहायता सेवा शुरू की गई है, ताकि छात्रों को सही जानकारी और मानसिक सहयोग मिल सके।
हेल्पलाइन के जरिए छात्र री-इवैल्यूएशन, अंक, उत्तर पुस्तिका और रिजल्ट प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे। बोर्ड का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
छात्रों के साथ अभिभावकों और स्कूलों को भी मिलेगी मदद
इस सुविधा का लाभ सिर्फ छात्रों को ही नहीं, बल्कि अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को भी मिलेगा। सीबीएसई ने कहा है कि अभिभावक और स्कूल आधिकारिक प्लेटफॉर्म के जरिए सही मार्गदर्शन और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि वे रिजल्ट को लेकर अत्यधिक तनाव न लें। सीबीएसई का कहना है कि हर छात्र की क्षमता अलग होती है और परीक्षा जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है।
तकनीकी समस्याओं के समाधान की तैयारी
हाल ही में पोस्ट रिजल्ट प्रक्रिया के दौरान कुछ तकनीकी समस्याएं भी सामने आई थीं। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों को बेहतर सुविधा देने के लिए आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की मदद लेने का फैसला किया है।
सीबीएसई का कहना है कि छात्रों को पारदर्शी, सुरक्षित और आसान सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं।

