गुमला : गुमला जिले के भरनो प्रखंड स्थित अमलीया और अंबाटोली गांव में जंगली हाथी के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। रात के अंधेरे में जंगल से निकलकर गांव पहुंचे एक जंगली हाथी ने एक ग्रामीण के घर को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा आसपास के खेतों में लगी सब्जियों की फसल भी रौंद दी।
घटना के बाद प्रभावित परिवार और ग्रामीणों ने वन विभाग से मुआवजा और स्थायी समाधान की मांग की है।
मकान तोड़ा, चावल खाया, सामान किया बर्बाद
जानकारी के अनुसार, बीती रात अमलीया जंगल की ओर से एक जंगली हाथी गांव में घुस आया। हाथी सीधे अंबाटोली निवासी सुलेंद्र उरांव के घर पहुंचा और मिट्टी से बने मकान को तोड़ना शुरू कर दिया।
हाथी ने दीवारों को जोरदार धक्का मारकर मकान का एक हिस्सा ढहा दिया। घर के अंदर रखा एक बोरा चावल भी हाथी खा गया। दीवार गिरने से घर में रखे बर्तन और अन्य घरेलू सामान भी टूटकर खराब हो गए।
बाल-बाल बची ग्रामीण की जान
घटना के समय सुलेंद्र उरांव घर के अंदर मौजूद थे। हाथी को सामने देखकर उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई और दूसरे कमरे में जाकर छिप गए।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर वह समय रहते वहां से नहीं हटते, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
खेतों में फसल भी हुई बर्बाद
हाथी का कहर सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहा। ग्रामीणों के मुताबिक, हाथी ने गांव के आसपास खेतों में लगी सब्जियों की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
घटना के बाद गांव में डर का माहौल है और लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीनों से इलाके में जंगली हाथियों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे लगातार नुकसान हो रहा है।
वन विभाग ने किया मुआयना
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची। वनरक्षी अकील अहमद ने प्रभावित परिवार से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लिया और उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
सुरक्षा के लिए विभाग की ओर से ग्रामीणों को टॉर्च और पटाखे भी दिए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर हाथियों को गांव से दूर भगाया जा सके। साथ ही लोगों से अपील की गई कि हाथी दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें और किसी भी हालत में उसके पास जाने की कोशिश न करें।

