रांची : झारखंड में ट्रेजरी से वेतन और अन्य मदों में फर्जी निकासी के मामलों के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने सख्त प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए व्यापक निर्देश जारी किए हैं।
कंप्यूटर ऑपरेटरों पर सख्ती
जारी आदेश के अनुसार, अब संविदा या मानदेय पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को किसी भी प्रकार के वित्तीय कार्य से दूर रखा जाएगा। सरकार को विभिन्न जिलों से मिली शिकायतों में वेतन मद से अवैध निकासी, मास्टर डाटा में छेड़छाड़ और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भुगतान जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
लंबे समय से जमे कर्मचारियों का होगा तबादला
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो कर्मचारी लंबे समय से एक ही कार्यालय में वित्तीय कार्यों से जुड़े हुए हैं, उनका तबादला अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसमें वरीय लेखा सहायक, लेखा सहायक, लेखा अधीक्षक, लेखापाल और विपत्र लिपिक जैसे पद शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना और अनियमितताओं पर रोक लगाना है।
सभी अधिकारियों को दिए गए निर्देश
मुख्य सचिव का यह आदेश राज्य के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और उपायुक्तों को भेज दिया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और 30 मई तक अनुपालन रिपोर्ट वित्त विभाग को सौंपें।
पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का यह फैसला राज्य में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे ट्रेजरी से जुड़े गड़बड़ी के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

