चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में उग्रवादी घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को राज्य सरकार की अनुकम्पा नीति के तहत सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। इस पहल का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देना और उनका पुनर्वास सुनिश्चित करना है।
दो आश्रितों को मिली नियुक्ति
जानकारी के अनुसार, गुदड़ी थाना क्षेत्र में 12 जनवरी 2018 को सादो बारजो तथा आनंदपुर थाना क्षेत्र में 27 मार्च 2020 को नमन बुढ़ की उग्रवादी घटनाओं में हत्या कर दी गई थी। इन घटनाओं के बाद उनके आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर निम्नवर्गीय लिपिक पद पर नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया।
निर्णय के तहत सादो बारजो की पत्नी एसरन सोय (ग्राम लामडार) और नमन बुढ़ के पुत्र विकास बुढ़ (ग्राम गुन्डरी) को नौकरी प्रदान की गई है।
समिति की मंजूरी के बाद मिली नौकरी
इस संबंध में जिला स्तरीय अनुकम्पा समिति की बैठक 26 सितंबर 2025 और 20 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी। पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के आधार पर नियुक्ति को स्वीकृति दी गई।
DC-SP ने सौंपे नियुक्ति पत्र
शनिवार को जिला समाहरणालय स्थित उपायुक्त प्रकोष्ठ में आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त चंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने दोनों आश्रितों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
अधिकारियों ने कहा कि यह पहल प्रभावित परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
कार्यक्रम के दौरान मौजूद अधिकारियों ने कहा कि सरकार उग्रवादी घटनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए लगातार प्रयासरत है। यह नियुक्ति उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस मौके पर कई गणमान्य लोग और पीड़ित परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।

