Ranchi : झारखंड में राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। इसी क्रम में डुमरी विधायक जयराम महतो का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में ऐसे प्रतिनिधि को भेजा जाना चाहिए, जो दिल्ली में जाकर झारखंड के हितों की प्रभावी ढंग से पैरवी कर सके और राज्य के विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ा सके।
विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान जयराम महतो ने कहा कि राज्यसभा सदस्य की जिम्मेदारी केवल सदन में उपस्थिति दर्ज कराना नहीं है, बल्कि राज्य की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को केंद्र सरकार तक मजबूती से पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि झारखंड को ऐसे प्रतिनिधियों की आवश्यकता है, जो अपने प्रभाव और कार्यक्षमता के बल पर राज्य के लिए बेहतर परिणाम ला सकें।
विकास और जनहित के मुद्दों पर दिया जोर
जयराम महतो ने कहा कि राज्यसभा सांसद का चयन केवल राजनीतिक आधार पर नहीं, बल्कि उसकी कार्यक्षमता और राज्य के प्रति प्रतिबद्धता को ध्यान में रखकर होना चाहिए। उनका मानना है कि दिल्ली में झारखंड के विकास, निवेश, रोजगार और आधारभूत संरचना से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने वाले नेताओं की जरूरत है।
चुनावी माहौल में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
राज्यसभा चुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। मतदान के साथ-साथ नेताओं के बयान भी लगातार चर्चा में बने हुए हैं। सभी दल अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने और समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में संख्या बल जितना महत्वपूर्ण होता है, उतना ही नेताओं के बयान और चुनावी रणनीतियां भी असर डालती हैं। ऐसे में जयराम महतो का यह बयान चुनावी चर्चा का नया विषय बन गया है।
हर वोट पर टिकी है नजर
झारखंड विधानसभा में जारी राज्यसभा चुनाव के दौरान हर वोट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मतदान के बाद होने वाली मतगणना से ही यह स्पष्ट होगा कि राज्यसभा की दोनों सीटों पर किस उम्मीदवार को जीत मिलती है। फिलहाल राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर चुनाव परिणामों पर टिकी हुई है।

