हजारीबाग: हजारीबाग नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई से फुटपाथ पर सब्जी बेचने वाले दर्जनों दुकानदारों की रोज़ी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन ने इन दुकानदारों को पुराने सामान वाले परिसर में ले जाकर जबरन बैठा दिया, जबकि दुकानदारों का आरोप है कि यह जमीन नगर निगम के अधीन नहीं बल्कि खास महल की है।
बीते 24 घंटे से यहां बैठे दुकानदार भारी परेशानी झेल रहे हैं। खरीदारों की आवाजाही बेहद कम है, जिससे सब्जियां सड़ने लगी हैं और व्यापार लगभग ठप हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि परीक्षा का समय चल रहा है, गर्मी शुरू होने वाली है और ऐसे में उन्हें अचानक हटाकर ऐसी जगह बैठा दिया गया, जहां ग्राहक पहुंच ही नहीं पा रहे।
मामला इसलिए भी उलझ गया है क्योंकि जिस जमीन पर दुकानदारों को बैठाया गया है, उसे नगर निगम पहले से पार्किंग के लिए अलॉट कर चुका है और उसका टेंडर भी हो चुका है। ऐसे में जो ग्राहक मोटरसाइकिल से सब्जी लेने पहुंच रहे हैं, उन्हें पहले 10 रुपये पार्किंग शुल्क देना पड़ रहा है, जबकि चारपहिया वाहन से आने वालों को 30 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। इससे ग्राहक भी दूरी बना रहे हैं और दुकानदारों की बिक्री पर सीधा असर पड़ रहा है।
इधर नगर निगम चुनाव में अब केवल दो दिन शेष हैं, लेकिन दुकानदारों का आरोप है कि बड़े-बड़े वादे करने वाले प्रत्याशी अब तक उनकी सुध लेने नहीं पहुंचे। मेनिफेस्टो में भले योजनाओं की बात हो रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर उनके दर्द को सुनने वाला कोई नहीं है।
स्थिति से नाराज गरीब फुटपाथ दुकानदारों ने अब नगर निगम कार्यालय के सामने धरना देने की चेतावनी दी है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज होने की संभावना है।

