रांची: रांची स्थित अटल स्मृति वेंडर मार्केट में दुकानदारों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मार्केट के करीब 300 दुकानदार री-लॉटरी के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। इस आंदोलन में महिला, पुरुष और बुजुर्ग सभी शामिल हैं, जिसके कारण आज से बाजार की सभी दुकानें बंद हैं।
दुकानदारों का कहना है कि रांची नगर निगम की ओर से उन्हें मेंटेनेंस बकाया जमा करने को लेकर नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में यह चेतावनी दी गई थी कि 17 फरवरी तक बकाया जमा नहीं करने पर दुकानों की पुनः लॉटरी कराई जाएगी। इसी “री-लॉटरी” शब्द को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
बकाया भुगतान को लेकर नाराजगी
दुकानदारों के अनुसार, नोटिस मिलने के बाद लगभग 90 प्रतिशत लोगों ने मेंटेनेंस शुल्क जमा कर दिया है। बाकी दुकानदार भी समय सीमा के भीतर भुगतान करना चाहते हैं। लेकिन आरोप है कि निगम कार्यालय में उनसे एकमुश्त पूरी राशि जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि वे मासिक भुगतान करना चाहते हैं।
सात साल की मेहनत पर खतरे की आशंका
दुकानदारों ने बताया कि करीब सात वर्ष पहले लॉटरी के माध्यम से उन्हें दुकानें आवंटित की गई थीं। इस दौरान उन्होंने अपने व्यवसाय को खड़ा करने और ग्राहकों का भरोसा जीतने में काफी मेहनत की है। उनका कहना है कि दोबारा लॉटरी होने पर उन्हें नई जगह से फिर शुरुआत करनी पड़ेगी, जिससे उनका रोजगार प्रभावित होगा।
धरने पर बैठे दुकानदारों का कहना है,
“हम सब एक हैं और जहां हमें दुकान मिली है, वहीं संतुष्ट हैं। हमें दोबारा लॉटरी नहीं चाहिए।”
तख्तियों के जरिए जताया विरोध
धरने के दौरान दुकानदार हाथों में तख्तियां लेकर बैठे नजर आए, जिन पर लिखा था—
“हमारे पेट पर लात मत मारो”,
“हमें आत्महत्या के लिए मजबूर मत करो”,
“हम सब दुकानदार एक हैं।”
इन नारों के जरिए उन्होंने अपनी पीड़ा और नाराजगी जाहिर की।
बुनियादी सुविधाओं की भी उठाई मांग
री-लॉटरी के विरोध के साथ दुकानदारों ने वेंडर मार्केट में सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि साफ-सफाई, शौचालयों की नियमित व्यवस्था और नालियों की सफाई पर निगम ध्यान नहीं देता, जिससे उन्हें निजी खर्च उठाना पड़ता है।
फिलहाल दुकानदार अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। अब सभी की निगाहें नगर निगम पर टिकी हैं कि वह इस विवाद का समाधान कैसे निकालता है।

