रांची : रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथ रथ मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार प्रशासन का सबसे बड़ा फोकस मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाना है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अधिकारियों के अनुसार, हर वर्ष रथ मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। इसे देखते हुए इस बार विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है।

200 से अधिक सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी

मेला परिसर की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए पूरे क्षेत्र में 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या भीड़ की स्थिति पर तुरंत नजर रखी जा सके।

7 वॉच टावर से रखी जाएगी भीड़ पर नजर

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए इस बार कुल सात वॉच टावर बनाए जाएंगे। इनमें से पांच वॉच टावर मंदिर न्यास समिति की ओर से और दो वॉच टावर जिला प्रशासन द्वारा स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा मेला परिसर में दुकान लगाने वाले ठेकेदारों को भी अपने स्तर पर अतिरिक्त वॉच टावर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए पार्किंग, मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस, बैरिकेडिंग, खोया-पाया केंद्र, स्वच्छता, पेयजल और निर्बाध बिजली आपूर्ति सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनोज कौशिक ने सभी संबंधित विभागों, जनप्रतिनिधियों और मंदिर न्यास समिति के सदस्यों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया है, ताकि रथ मेला शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न कराया जा सके।

रथयात्रा के दिन 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

प्रशासन का अनुमान है कि रथयात्रा के दिन करीब पांच लाख श्रद्धालु मेले में शामिल हो सकते हैं। पूजा-अनुष्ठान की शुरुआत सुबह 4:30 बजे होगी और प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी।

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