नई दिल्ली : नई दिल्ली में मुंबई प्रवास के दौरान झारखंड की विधायक पूर्णिमा दास साहू और कल्पना सोरेन ने दुनिया की प्रसिद्ध डब्बावाला सेवा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुंबई के डब्बावालों की कार्यशैली, अनुशासन और फूड डिलीवरी सिस्टम को करीब से समझा।

मुंबई के डब्बावाले वर्षों से लाखों लोगों तक समय पर घर का ताज़ा भोजन पहुंचाने के लिए विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी यह व्यवस्था अपनी सटीकता और विश्वसनीयता के लिए जानी जाती है।

सेंट्रल किचन मॉडल पर हुई चर्चा

इस मुलाकात के दौरान झारखंड के प्रमुख शहरों में सेंट्रल किचन मॉडल शुरू करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस प्रस्ताव का उद्देश्य है कि कामकाजी लोग, नौकरीपेशा वर्ग और छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को समय पर स्वच्छ, पौष्टिक और किफायती भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

रोजगार और बेहतर व्यवस्था की उम्मीद

यदि यह योजना जमीन पर उतरती है तो इससे झारखंड में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस पहल से जहां रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, वहीं फूड सप्लाई सिस्टम को भी अधिक संगठित और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

इसके साथ ही हजारों लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सोशल मीडिया पर भी इस पहल को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और लोग इसे राज्य के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।

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