रांची: झारखंड की राजधानी रांची से एक बड़ी खबर सामने आई है। कुख्यात नक्सली नेता प्रशांत बोस की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। वह रांची स्थित अस्पताल में भर्ती थे, जहां उनका उपचार चल रहा था।
रांची जेल में था बंद
प्रशांत बोस रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद था। लंबे समय से बीमार रहने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
2021 में हुई थी गिरफ्तारी
झारखंड पुलिस ने नवंबर 2021 में सरायकेला-खरसावां जिले के एक टोल प्लाजा से उसे उसकी पत्नी शीला मरांडी के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह लगातार रांची जेल में बंद था।
नक्सली संगठन का शीर्ष नेता
प्रशांत बोस को माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं में गिना जाता था। वह करीब छह दशकों तक नक्सली गतिविधियों से जुड़ा रहा और बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में सक्रिय था।
पुलिस के अनुसार, वह कई बड़े नक्सली हमलों और सामूहिक नरसंहार की साजिशों में शामिल रहा है।
गिरफ्तारी को बताया गया था बड़ी सफलता
गिरफ्तारी के समय तत्कालीन डीजीपी नीरज सिन्हा ने इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता बताया था। पूछताछ के दौरान बोस ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी थीं, जिनसे संगठन की रणनीति और योजनाओं का खुलासा हुआ था।
