पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से हुई मुलाकात के बाद उठी राजनीतिक चर्चाओं पर पूरी तरह विराम लगा दिया है।
शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान नीतीश ने न केवल एनडीए के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की, बल्कि राजद पर जमकर हमला बोला।
तेजस्वी से मुलाकात के बाद छिड़ी चर्चा पर विराम
नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की हाल ही में हुई मुलाकात ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी थी।
सचिवालय में इस मुलाकात के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे, जिसके चलते जदयू के नेताओं को सफाई देनी पड़ी।
लेकिन अब खुद मुख्यमंत्री ने सभी अटकलों को खत्म कर दिया है और स्पष्ट कर दिया है कि उनका एनडीए के साथ ही बने रहना तय है।
राजद पर तीखा हमला, गलती मानी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ पटना में आयोजित एक स्वास्थ्य कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने अपने संबोधन के दौरान राजद पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, “हम दो बार इधर-उधर हुए, ये हमारी गलती थी। लेकिन अब हम फिर से वही गलती नहीं करेंगे।”
नीतीश का यह बयान उनके पूर्व के फैसलों पर खुद की आलोचना के रूप में देखा जा रहा है, जब उन्होंने एनडीए से अलग होकर राजद के साथ गठबंधन किया था।
लेकिन अब उन्होंने साफ कर दिया कि वह इस बार एनडीए के साथ मजबूती से टिके रहेंगे।
भाजपा के साथ पुराने संबंधों की याद दिलाई
अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने भाजपा और जदयू के लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हमलोग 1995 से साथ रहे हैं।
हम ही मिलकर बिहार के विकास के लिए काम किए हैं।” इसके साथ ही उन्होंने राजद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राजद ने अपने समय में कोई ठोस काम नहीं किया।
तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद उठी अटकलों का खंडन
स्वास्थ्य विभाग के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन तमाम कयासों को भी खारिज कर दिया, जो तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद फैलने लगे थे।
मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार और लालू यादव की एक पुरानी मुलाकात का वीडियो वायरल हो रहा था, जिसे हाल का वीडियो बताकर पेश किया जा रहा था।
एनडीए के साथ मजबूती से बने रहने का आश्वासन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने बयान में यह साफ कर दिया कि अब वह एनडीए के साथ मजबूती से रहेंगे और किसी भी तरह की राजनीतिक अस्थिरता को लेकर कोई जगह नहीं है।
शुक्रवार को दिए इस बयान से उन्होंने एक बार फिर अपने समर्थकों और विरोधियों को साफ संदेश दे दिया है कि एनडीए में उनका भरोसा अटूट है।
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