रांची : राज्यसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होना है, ऐसे में गठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इसी बीच कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप बलमुचू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि झामुमो को बिना देरी किए सीट बंटवारे का एलान कर देना चाहिए।
“कांग्रेस का एक सीट पर स्वाभाविक दावा”
प्रदीप बलमुचू ने कहा कि दो सीटों में से एक सीट कांग्रेस को मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक गठबंधन में कांग्रेस की भूमिका और राज्यसभा में पार्टी की जरूरत को देखते हुए यह उसका स्वाभाविक अधिकार है।
उन्होंने कहा कि अब “किंतु-परंतु” की राजनीति नहीं होनी चाहिए। अगर सीट शेयरिंग को लेकर ज्यादा देर होती है तो राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो जाएंगी।
“देरी हुई तो जाएगा गलत संदेश”
पूर्व सांसद ने साफ कहा कि अगर हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा सीट बंटवारे पर फैसला लेने में देरी करती है तो इससे गठबंधन के भीतर मतभेद का संदेश जा सकता है।
उन्होंने कहा कि गठबंधन को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है कि झामुमो जल्द निर्णय लेकर सहयोगी दलों के बीच स्पष्टता बनाए।
गठबंधन धर्म निभाने की दी सलाह
प्रदीप बलमुचू ने कहा कि झारखंड में गठबंधन का नेतृत्व झामुमो कर रहा है, इसलिए बड़ी पार्टी होने के नाते उसे सहयोगी दलों की चिंताओं का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में कांग्रेस को मजबूत करना पूरे गठबंधन के हित में होगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति और तेज हो सकती है। अब सभी की नजर झामुमो और कांग्रेस के बीच होने वाले अंतिम सीट समझौते पर टिकी हुई है।

