रांची: झारखंड में टीजीटी यानी स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति विवाद को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने नई जांच कमेटी के गठन समेत कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
नई जांच कमेटी का गठन
न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने पूर्व न्यायाधीश गौतम कुमार चौधरी को फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया है। यह कमेटी टीजीटी नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी।
सरकार को दिए सख्त निर्देश
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि चार सप्ताह के भीतर कमेटी को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए।
तीन महीने में रिपोर्ट देने का आदेश
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कमेटी को तीन महीने के भीतर अपनी पूरी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इसके साथ ही 1 सितंबर 2025 के पूर्व आदेश को भी यथावत रखा गया है।
पारदर्शिता की बढ़ी उम्मीद
हाईकोर्ट की इस सख्ती के बाद अब नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि जांच के बाद पूरे मामले में सच्चाई सामने आएगी।

