हजारीबाग : जिले में एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों के बीच अब भ्रष्टाचार से जुड़ा नया प्रकरण चर्चा में है। जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार मालतो को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने के बावजूद अब तक निलंबित नहीं किया गया है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 9 अप्रैल 2026 को राहुल कुमार मालतो को 1.75 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें हजारीबाग जेपी कारा भेज दिया गया, जहां वे फिलहाल बंद हैं।

निलंबन में देरी से बढ़ी परेशानी

गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद भी विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई है। इस स्थिति को लेकर विभाग के अंदर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

दो प्रमंडलों का काम ठप, वेतन भुगतान प्रभावित

राहुल कुमार मालतो जलपथ प्रमंडल संख्या-2 हजारीबाग के साथ-साथ बरही प्रमंडल के भी प्रभारी कार्यपालक अभियंता थे। उनके पास निकासी एवं व्यय पदाधिकारी की जिम्मेदारी भी थी, जिसके तहत वेतन भुगतान की प्रक्रिया संचालित होती है।

उनके जेल में होने और निलंबन नहीं होने के कारण दोनों प्रमंडलों के 80 से अधिक कर्मचारियों का वेतन अटक गया है। इससे कर्मचारियों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

रिश्वत मामले में कार्रवाई, एक अन्य अभियंता पर भी आरोप

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई बरही में एक निर्माण योजना से जुड़े मामले में की गई थी। शिकायत के आधार पर जाल बिछाकर अभियंता को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस मामले में एक सहायक अभियंता की संलिप्तता भी सामने आई है।

कर्मचारियों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संरक्षक सतीश कुमार सिंहा ने विभाग से तत्काल वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि अधिकारी के जेल में होने की स्थिति में तुरंत निलंबन कर वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।

वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे आंदोलन की तैयारी में हैं। इस संबंध में मुख्य अभियंता विजय कुमार भगत से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका है।

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