रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की भयावह घटना सामने आई है। शुक्रवार को गोला प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों के झुंड ने हमला कर तीन ग्रामीणों की जान ले ली, जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल है।
ईंट भट्ठे से शुरू हुआ हाथियों का हमला
वन विभाग के अनुसार, हाथियों का झुंड सबसे पहले बंदा गांव स्थित एक ईंट भट्ठे पर पहुंचा, जहां काम कर रहे मजदूरों पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में कुजू निवासी धीरज भुईंया और पतरातू प्रखंड के ताराटांड़ गांव निवासी युगल भुईंया की मौके पर ही मौत हो गई।
हमला इतना अचानक और तेज था कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
मुरपा गांव में भी मची तबाही
ईंट भट्ठे में उत्पात मचाने के बाद हाथियों का झुंड मुरपा गांव की ओर बढ़ गया। यहां महुआ चुन रहे 74 वर्षीय श्यामदेव साहू को हाथियों ने कुचल दिया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
इसके अलावा सूतरी धोड़धोड़िया बस्ती में महुआ चुन रही एक महिला भी हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तत्काल गोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
मुआवजा और राहत की घोषणा
वन विभाग ने मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत देते हुए अंतिम संस्कार के लिए 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। अधिकारियों के अनुसार, शेष 3.75 लाख रुपये की मुआवजा राशि पोस्टमार्टम और प्राथमिकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी।
घायल लोगों के इलाज का पूरा खर्च भी वन विभाग द्वारा उठाया जा रहा है।
ग्रामीणों का आक्रोश, अतिरिक्त मुआवजे की मांग
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया। उन्होंने ईंट भट्ठा परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन और वन विभाग से उचित मुआवजे की मांग की।
परिजनों ने अतिरिक्त एक लाख रुपये की सहायता की मांग रखी। इस पर भट्ठा संचालक आकाश ने मृतकों के परिजनों को 40-40 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक शांत हुई और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष, प्रशासन सतर्क
रामगढ़ सहित झारखंड के कई इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। वन विभाग की टीम हाथियों के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल और आसपास के क्षेत्रों में अकेले न जाएं और सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने को कहा गया है।

