धनबाद: मां अंबे आउटसोर्सिंग में कथित सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और 29 मई 2026 को हुई घातक दुर्घटना के मामले में खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) ने जांच शुरू कर दी है। युवा नेता विशाल कुमार महतो की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए डीजीएमएस, क्षेत्र संख्या-1, मध्य जोन, धनबाद ने 14 जुलाई 2026 को जारी पत्र में बताया कि दुर्घटना की जांच निदेशालय स्तर पर की जा रही है।
29 मई की दुर्घटना की हो रही जांच
डीजीएमएस के पत्र के अनुसार, 29 मई 2026 को हुई घातक दुर्घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
पहले की दुर्घटनाओं का भी किया गया उल्लेख
विशाल कुमार महतो ने बताया कि उनकी शिकायत केवल 29 मई 2026 की दुर्घटना तक सीमित नहीं है। उन्होंने 5 सितंबर 2025 को कटापहाड़ी स्थित मां अंबे आउटसोर्सिंग में हुई भीषण दुर्घटना का भी जिक्र किया है, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। उनका आरोप है कि लगातार गंभीर हादसों के बावजूद कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन के खिलाफ अपेक्षित सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
बेनिडीह परियोजना की घटना से उठे सवाल
उन्होंने कहा कि इसके बाद बेनिडीह परियोजना में हुई एक अन्य गंभीर दुर्घटना ने भी सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही कंपनी की विभिन्न परियोजनाओं में लगातार हादसे होना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों की ओर संकेत करता है।
कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
विशाल कुमार महतो ने मां अंबे आउटसोर्सिंग को ब्लैकलिस्ट करने और भविष्य में किसी भी सरकारी परियोजना का कार्य आवंटित करने से पहले उसकी सुरक्षा व्यवस्था तथा कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की जान से बढ़कर कोई परियोजना नहीं हो सकती और सुरक्षा नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

