रांची: बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर विमानों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विमानन सुरक्षा मानकों के तहत एयरपोर्ट के आसपास स्थित अधिक ऊंचाई वाले भवनों पर विमानन अवरोधक (एयरक्राफ्ट वॉर्निंग) लाल चेतावनी लाइट लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
40 भवनों पर लगाई जा रही हैं चेतावनी लाइट
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार जिला प्रशासन ने ऐसे भवनों की पहचान की है, जिनकी ऊंचाई विमानन सुरक्षा मानकों से अधिक है। फिलहाल 40 भवनों पर लाल चेतावनी लाइट लगाने का कार्य शुरू किया गया है।
इन लाइटों का उद्देश्य रात के समय पायलटों को ऊंची इमारतों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना है, जिससे विमान के उड़ान और लैंडिंग के दौरान किसी भी तरह के जोखिम से बचा जा सके।
नियमों का पालन नहीं करने वालों को फिर मिलेगा नोटिस
अधिकारियों ने बताया कि जिन भवन मालिकों ने अब तक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया है, उन्हें दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा। पहले भी कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं, लेकिन नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एयरपोर्ट सुरक्षा पर हुई थी उच्चस्तरीय समीक्षा
गौरतलब है कि 24 जून को दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त मनोज कुमार की अध्यक्षता में आयोजित विमानपत्तन पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में एयरपोर्ट के आसपास बढ़ रहे सुरक्षा जोखिमों की समीक्षा की गई थी।
बैठक में विशेष रूप से बिरसा चौक की ओर स्थित ऊंची इमारतों और अन्य संरचनाओं पर चर्चा करते हुए निर्धारित ऊंचाई से अधिक भवनों पर लाल चेतावनी लाइट लगाने के निर्देश दिए गए थे।
बर्ड हिट रोकने के लिए चलेगा विशेष अभियान
बैठक में बर्ड हिट की बढ़ती आशंका पर भी गंभीर चिंता जताई गई। इसके मद्देनजर एयरपोर्ट के आसपास संचालित अनधिकृत मांस और मछली की दुकानों, बूचड़खानों तथा खुले में खाद्य अपशिष्ट फेंकने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा हिनू, बिरसा चौक और हवाई नगर क्षेत्र में संचालित फूड वैन, रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के कचरा प्रबंधन की नियमित जांच भी की जाएगी, ताकि पक्षियों की आवाजाही कम हो और विमान संचालन पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।

