रांची: झारखंड से कृषि एवं बागवानी उत्पादों के निर्यात को नई गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है। शुक्रवार को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर राज्य से कृषि उत्पादों के निर्यात की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कृषि निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए कई सुझाव और मांगें भी प्रस्तुत कीं।
झारखंड के आम पहुंचे लंदन और दुबई
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में पूर्वी सिंहभूम और पाकुड़ जिलों से आम का निर्यात सऊदी अरब स्थित लुलु हाइपरमार्केट्स में प्रचारात्मक अभियान के तहत किया गया था। वहीं वर्ष 2026 में पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला और देवघर जिलों से आम का सफलतापूर्वक लंदन और दुबई सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किया गया।
कई देशों में पहुंच रहे झारखंड के कृषि उत्पाद
प्रतिनिधिमंडल ने जानकारी दी कि हाल के वर्षों में झारखंड से लॉन्ग बीन्स, अरबी, भिंडी और जिमीकंद जैसे कृषि उत्पादों का निर्यात दुबई, कतर, मलेशिया और सिंगापुर तक किया गया है। वहीं राज्य का गैर-बासमती चावल रूस, बेनिन, आइवरी कोस्ट, टोगो सहित कई देशों में लगातार निर्यात हो रहा है।
बैठक में एपीडा की ओर से सहायक महाप्रबंधक अंजलि नेहा लकड़ा, क्षेत्रीय प्रमुख (कोलकाता) सीताकांत मंडल तथा झारखंड के निर्यातक अब्दुल हमीद खान (ऑल सीज़न्स फार्म फ्रेश) भी उपस्थित रहे। उन्होंने राज्य के कृषि निर्यात से जुड़े अनुभव और सुझाव साझा किए।
मजबूत निर्यात आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने पर जोर
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड को कृषि निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए स्थानीय निर्यातकों को प्रोत्साहन देने के साथ मजबूत और टिकाऊ निर्यात आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना आवश्यक है। इससे किसानों से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक कृषि उत्पादों की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।
उन्होंने किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), निर्यातकों, सरकारी विभागों और संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया, ताकि उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, पैकेजिंग और निर्यात की पूरी प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके।
जल्द होगी राज्य स्तरीय हितधारक बैठक
मंत्री ने घोषणा की कि उनकी अध्यक्षता में जल्द ही राज्य स्तरीय हितधारक बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें एपीडा, विभिन्न विभागों, एफपीओ, निर्यातकों और अन्य संबंधित पक्षों को आमंत्रित किया जाएगा। बैठक में कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि झारखंड के कृषि और बागवानी उत्पाद गुणवत्ता के मामले में अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं और राज्य सरकार इस दिशा में हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

