Khunti : खूंटी जिले के रनिया थाना क्षेत्र के तांबा जंगल के पास 15 जून को मिले राधेश्याम साहु के शव मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने हत्या के बाद शव को जंगल में फेंककर मामले को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लक्ष्मी देवी (40), संदीप मांझी (26) और रविन्द्र मांझी (18) के रूप में हुई है। तीनों रनिया थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
जंगल में मिला था शव, शुरू हुई थी जांच
15 जून को रनिया थाना क्षेत्र के तांबा जंगल के समीप राधेश्याम साहु का शव बरामद हुआ था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग के निर्देश पर तोरपा एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई।
जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान की और उनके ठिकानों पर छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गला दबाकर की हत्या, फिर जंगल में फेंका शव
एसपी ऋषभ गर्ग के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने राधेश्याम साहु पर उसके घर के पास डंडे से हमला किया था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसका गला दबाकर हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद शव को मृतक की स्कूटी पर लादकर तांबा जंगल के पास ले जाया गया और वहां फेंक दिया गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को पत्थर से कुचल दिया गया तथा स्कूटी को इस तरह रखा गया कि मामला सड़क दुर्घटना जैसा लगे।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला मामला
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद किया है। इसके अलावा एक आरोपी के मोबाइल फोन से घटना के दिन के वीडियो और तस्वीरें भी प्राप्त हुई हैं, जिन्हें महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
घटना के समय आरोपियों द्वारा पहनी गई चप्पलों को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस इन सभी साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
विशेष टीम ने निभाई अहम भूमिका
मामले के खुलासे में गठित विशेष टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। छापेमारी दल में तोरपा एसडीपीओ विजय कुमार सिंह, इंस्पेक्टर मोहन कुमार, रनिया थाना प्रभारी श्यामल कुम्भकार, एसआई कुलदीप रोशन बारी, अशोक कुमार महतो और रनिया थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और हत्या के पीछे के कारणों की भी विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

