रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही सियासी माहौल भी गर्माता जा रहा है। बुधवार को झारखंड विधानसभा परिसर के बाहर कांग्रेस के मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने धरना प्रदर्शन कर निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी के नामांकन को रद्द करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि परिमल नथवानी के नामांकन पत्र में तकनीकी खामियां हैं, इसलिए उनका नामांकन स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर पार्टी नेताओं ने चुनाव अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर उचित निर्णय लेने की मांग की है।
विधानसभा के बाहर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
राजधानी रांची में विधानसभा परिसर के बाहर आयोजित धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि राज्यसभा चुनाव जैसी महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी नियमों और कानूनी प्रावधानों का पूरी तरह पालन होना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि किसी उम्मीदवार के नामांकन पत्र में त्रुटियां पाई जाती हैं तो चुनाव नियमों के तहत उस पर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्टी ने चुनाव अधिकारियों से पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है।
नामांकन पत्र में तकनीकी खामियों का आरोप
कांग्रेस का दावा है कि निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी के नामांकन पत्र में तकनीकी गड़बड़ी मौजूद है। इसी आधार पर पार्टी ने उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई है। हालांकि इस मामले में अंतिम फैसला निर्वाचन नियमों और चुनाव अधिकारियों की जांच के आधार पर ही लिया जाएगा।
फिलहाल नामांकन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद राज्य की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं।
20 विधायकों ने किया था प्रस्तावक का समर्थन
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून 2026 थी। इसी दिन निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। नामांकन के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के 20 विधायकों ने उनके प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए थे।
नथवानी के चुनावी मैदान में उतरने के बाद राज्यसभा चुनाव का मुकाबला और रोचक हो गया है। राजनीतिक दल अब अपने-अपने स्तर पर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
चुनावी समीकरणों पर बढ़ी नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नामांकन को लेकर उठे विवाद का असर चुनावी रणनीतियों और राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। राज्यसभा चुनाव में संख्या बल की अहम भूमिका होती है, इसलिए सभी दल अपने समर्थन और वोटों को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के बाद अब सभी की निगाहें चुनाव अधिकारियों के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।
18 जून को होगा मतदान
झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। इसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी। ऐसे में मतदान से पहले नामांकन को लेकर छिड़ा यह विवाद राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है।

