हजारीबाग : नगर निगम की दुकानों का वर्षों से किराया नहीं चुकाने वाले दुकानदारों पर अब कार्रवाई तय मानी जा रही है। करोड़ों रुपये का बकाया बढ़ने के बाद हजारीबाग नगर निगम प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। निगम ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले बकायेदारों को अब किसी भी हालत में राहत नहीं मिलेगी।
बुधवार को सहायक नगर आयुक्त विपिन कुमार ने राजस्व संग्रह को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिकारियों को बकाया किराया वसूली तेज करने और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एक सप्ताह के भीतर जमा करना होगा बकाया
नगर निगम प्रशासन ने बकायेदार दुकानदारों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि वे एक सप्ताह के भीतर बकाया राशि जमा करें। तय समय सीमा के बाद भुगतान नहीं करने वाले दुकानदारों की दुकानों को सील कर दिया जाएगा।
इसके साथ ही निगम प्रशासन उन दुकानों के नए सिरे से आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू करेगा। निगम के इस फैसले के बाद दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।
3.50 करोड़ रुपये से अधिक बकाया
समीक्षा बैठक में बताया गया कि नगर निगम क्षेत्र के 21 स्थानों पर करीब एक हजार से अधिक म्युनिसिपल दुकानें संचालित हो रही हैं। इन दुकानों पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल बकाया राशि लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।
अधिकारियों के अनुसार 400 से ज्यादा दुकानदार ऐसे हैं, जिन्होंने दो साल से अधिक समय से किराया जमा नहीं किया है। इनमें कई दुकानदारों पर 50 हजार रुपये से ज्यादा का बकाया है।
मटवारी म्युनिसिपल शॉप की स्थिति गंभीर
बैठक में मटवारी स्थित म्युनिसिपल शॉप परिसर की स्थिति पर भी चिंता जताई गई। यहां की 158 दुकानों पर 51 लाख रुपये से अधिक का किराया बकाया बताया गया है। अधिकारियों ने इसे गंभीर मामला मानते हुए जल्द कार्रवाई की बात कही।
विशेष राजस्व वसूली अभियान शुरू
सहायक नगर आयुक्त विपिन कुमार ने शुक्रवार से विशेष राजस्व वसूली अभियान चलाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों से कहा गया है कि बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगर निगम की संपत्तियों का उपयोग कर व्यापार करने वाले दुकानदार यदि समय पर किराया जमा नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में नगर प्रबंधक सह नोडल पदाधिकारी उपेंद्र कुमार, राजस्व निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह और तहसीलदार सूरज कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। निगम प्रशासन ने कहा है कि राजस्व वसूली अभियान लगातार जारी रहेगा।

