कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर निर्वाचन प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में भारतीय निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को आठवीं सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इसके साथ ही आयोग ने न्यायिक समीक्षा के दायरे में आए करीब 52 लाख मामलों का निपटारा कर लिया है।
52 लाख मामलों का हुआ निपटारा
आयोग के अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार शाम तक सत्यापन और निपटान की प्रक्रिया तेज गति से पूरी की गई। फिलहाल करीब 8 लाख आवेदनों पर काम जारी है, जिसे अगले चार दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों को उम्मीद है कि यदि कार्य की रफ्तार इसी तरह बनी रही, तो 7 अप्रैल तक पूरी समीक्षा प्रक्रिया समाप्त कर ली जाएगी।
न्यायिक निगरानी में चल रही प्रक्रिया
बताया गया है कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद 60 लाख से अधिक नाम जांच के दायरे में आए थे। यह पूरी प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत न्यायिक अधिकारियों की निगरानी में संपन्न हो रही है।
चुनाव से पहले जरूरी प्रक्रिया
राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को प्रस्तावित है, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 6 अप्रैल निर्धारित की गई है। चुनावी नियमों के अनुसार, मतदाता सूची को अंतिम रूप देने से पहले सत्यापन प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है, ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए।
मालदा घटना के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई
मतदाता सत्यापन कार्य में लगे न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी आयोग सतर्क हो गया है। हाल ही में मालदा जिले के कालियाचक क्षेत्र में अधिकारियों के घेराव की घटना सामने आई थी, जिसके बाद संवेदनशील केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि जहां-जहां न्यायिक अधिकारी तैनात हैं, वहां उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं।
ट्रिब्यूनल में करनी होगी अपील
जिन लोगों के नाम इस सप्लीमेंट्री सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें अब अपनी शिकायतों के समाधान के लिए ट्रिब्यूनल का सहारा लेना होगा। हालांकि, ट्रिब्यूनल के संचालन को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
