रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को अपने पिता, दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यह दिन उनके लिए केवल एक महान नेता की जयंती नहीं, बल्कि उस पिता की स्मृति है, जिन्होंने उन्हें जीवन जीने का सही मार्ग सिखाया।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि उनके पिता ने उन्हें संघर्ष करना, अन्याय के सामने कभी न झुकना और सच्चाई व मूल्यों पर अडिग रहना सिखाया। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने अपने पूरे जीवन में जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष किया और कभी भी अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया।

हेमंत सोरेन ने भावुक शब्दों में कहा कि उन्होंने अपने पिता को कई बार थका हुआ देखा, लेकिन कभी टूटते नहीं देखा। उनकी अटूट इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प आज भी उनके भीतर जीवित है। एक पुत्र के रूप में उन्होंने अपने पिता से सादगी, साहस और सत्ता को जनसेवा का माध्यम मानने की सीख ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अपने पिता द्वारा दिखाए गए मार्ग और आदर्शों पर जीवन भर चलते रहेंगे, चाहे कितनी भी चुनौतियां क्यों न आएं। उन्होंने “जय झारखंड, जय दिशोम गुरु” के नारे के साथ अपनी श्रद्धांजलि समाप्त की।

