रांची: कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के डॉ. बिभूति कश्यप ने ‘अमेरिकन सोसाइटी ऑफ रेटिना स्पेशलिस्ट्स’ (ASRS) के सम्मेलन में वैश्विक स्तर पर एक विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। डॉ. कश्यप विश्व के एकमात्र सर्जन बन गए हैं, जिन्होंने एक ही वर्ष में दो ‘रेट बकलर’ (Rhett Buckler) ट्रॉफियां जीतकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि न केवल कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल, बल्कि पूरे झारखंड और देश के लिए गौरव का विषय है।
डॉ. कश्यप की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी (AIOS) के अध्यक्ष डॉ. पार्था बिस्वास और उपाध्यक्ष डॉ. मोहन राजन ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। इस अवसर पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री श्री इरफान अंसारी एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रीमती दीपिका पाण्डेय सिंह की भी गरिमा मई उपस्तिथी थी।
क्यों कहलाती हैं ये ‘रेटिना सर्जरी का ऑस्कर’?
इन ट्रॉफियों का निर्माण वही कंपनी (RS Owens) करती है, जो विश्व प्रसिद्ध ‘ऑस्कर’ (Academy Awards) की ट्रॉफियों को बनाती है।
ऑस्कर की तर्ज पर ही अमेरिकन रेटिना सोसाइटी के वार्षिक सम्मेलन में एक ‘फिल्म फेस्टिवल’ खंड होता है। इसमें यहाँ दुनिया भर के सर्जन अपने उन सर्वश्रेष्ठ सर्जिकल वीडियो को भेजते हैं जिस में अत्यंत जटिल आँखों की सर्जरी को नवीन और उत्कृष्ट तकनीकों के माध्यम से सफलतापूर्वक अंजाम देते हैं और उसे फिल्म के माध्यम से प्रदर्शित करते हैं।
किन्हें मिलता है ‘रेटिना सर्जरी का ऑस्कर’?
रेटिना की सर्जरी शरीर की सबसे सूक्ष्म सर्जरी मानी जाती है। यह पुरस्कार उन सर्जनों को मिलता है जो अत्यंत दुर्लभ मामलों को अपनी नवीन और उत्कृष्ट तकनीकों से सफलतापूर्वक हल करते हैं और उसे फिल्म के माध्यम से प्रदर्शित करते हैं।

