रांची : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी है। कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य करते हुए सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया।
“राज्य आवास कर्मी संघ” ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
संघ की प्रमुख मांगों में सभी योजना पदाधिकारियों एवं कर्मियों के मासिक मानदेय में वृद्धि, जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदों की स्वीकृति, मानदेय को ग्रेड-पे में परिवर्तित करने, तथा क्षेत्र भ्रमण के लिए विशेष भत्ता देने की मांग शामिल है।
इसके अलावा, संघ ने यह भी मांग की है कि बिना कारण किसी कर्मी को हटाने की स्थिति में अपील का अवसर दिया जाए और इसके लिए अपीलीय समिति गठित की जाए। संघ का कहना है कि अधिकांश कर्मियों का सेवा काल लगभग आठ वर्ष पूरा हो चुका है, इसलिए सेवा अवधि 60 वर्ष तक बढ़ाई जानी चाहिए।
कर्मियों ने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
प्रस्तावित आंदोलन कार्यक्रम:
- 16 फरवरी से 18 फरवरी 2026: काला बिल्ला लगाकर कार्य
- 23 फरवरी से 25 फरवरी 2026: कलमबंद हड़ताल
- 10 मार्च 2026: जिला एवं राज्य मुख्यालय पर धरना
- 17 मार्च से 20 मार्च 2026: हड़ताल
- 7 अप्रैल 2026 से: अनिश्चितकालीन हड़ताल
संघ ने सरकार से अपील की है कि कर्मियों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि आंदोलन की स्थिति से बचा जा सके।

