रांची: रांची जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिला स्तरीय सर्वजन दवा सेवन अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। यह अभियान 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक चलेगा। कांके स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त सौरभ कुमार भुवनिया ने दीप प्रज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया।
अभियान के तहत राहे, सोनहातू, तमाड़ और कांके प्रखंडों में सर्वजन दवा सेवन (MDA) कार्यक्रम चलाया जाएगा। शुभारंभ अवसर पर उप विकास आयुक्त ने स्वयं फाइलेरिया की दवा का सेवन किया और विद्यालय की छात्राओं सुषमा कुमारी (17 वर्ष) एवं निशा कुमारी (15 वर्ष) को भी दवा खिलाई। इसके बाद सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारियों ने भी दवा लेकर लोगों को जागरूक किया।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि फाइलेरिया की दवा पूरी तरह सुरक्षित है। इस बीमारी का स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन समय पर दवा सेवन से इसे पूरी तरह रोका जा सकता है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और दवा अवश्य लें।
5.57 लाख लोगों को दवा देने का लक्ष्य
रांची जिले के 14 प्रखंडों को पहले ही फाइलेरिया मुक्त घोषित किया जा चुका है। शेष चार प्रखंडों में फिलहाल 29 सक्रिय मरीज चिन्हित किए गए हैं। इन्हीं क्षेत्रों में कुल 5,57,970 लोगों को दवा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 619 बूथ बनाए गए हैं, जहां 1,238 दवा प्रदाता दवा वितरण का कार्य करेंगे।
दवा सेवन से जुड़ी जरूरी जानकारी
• दवा खाली पेट नहीं लेनी है।
• दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी।
• 1 से 2 वर्ष के बच्चों को केवल एल्बेंडाजोल की आधी गोली दी जाएगी।
• दवा वितरण स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक भवनों में बने बूथों के माध्यम से किया जाएगा।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. शाहिद करीम साबरी ने बताया कि दवा सेवन के बाद हल्के दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जो सामान्य प्रतिक्रिया है और इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान फाइलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही उपस्थित लोगों को फाइलेरिया मुक्त झारखंड बनाने की शपथ भी दिलाई गई।

