Ranchi: झारखंड के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का सर्वर अपग्रेडेशन आम जनता के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया है। विभाग के दावों के उलट, अपग्रेड के बाद राज्यभर में म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है। हालात यह हैं कि पिछले 45 दिनों से नया म्यूटेशन आवेदन दर्ज नहीं हो पा रहा है, जिससे जमीन की खरीद-बिक्री और जरूरी कानूनी कार्य अटक गए हैं। इससे आम लोगों के साथ-साथ सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
सर्वर अपग्रेड या सिस्टम डाउनग्रेड?
जिसे तकनीकी सुधार बताया जा रहा था, वही अब सिस्टम की सबसे बड़ी कमजोरी बन गया है। अपग्रेडेशन के बाद पोर्टल पहले से अधिक धीमा और अव्यवस्थित हो गया है। कई अंचलों में अधिकारी लॉगिन तो कर पा रहे हैं, लेकिन पेज लोड होने और डेटा प्रोसेसिंग में असामान्य देरी हो रही है।
हर जगह एक ही जवाब, समाधान नदारद
म्यूटेशन से जुड़े काम के लिए लोग अंचल कार्यालयों से लेकर जिला मुख्यालय तक चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर जगह उन्हें एक ही रटा-रटाया जवाब मिल रहा है—“सर्वर पर काम चल रहा है, जल्द ठीक हो जाएगा।” यह ‘जल्द’ कब आएगा, इसकी कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई जा रही। इसी बीच हालात का फायदा उठाने के लिए बिचौलियों की सक्रियता भी बढ़ गई है।
आमजन की प्रमुख परेशानियां
- नया आवेदन बंद: डेढ़ महीने से पोर्टल पर नया म्यूटेशन आवेदन करते ही “Error” दिख रहा है।
- पुरानी फाइलें अटकीं: पहले से दर्ज आवेदनों के अप्रूवल/रिजेक्शन में दोगुना समय लग रहा है।
- कामकाज प्रभावित: जमीन रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज न होने से बैंक लोन, विरासत और अन्य कागजी प्रक्रियाएं रुकी हुई हैं।

