साहिबगंज (Jharkhand) : झारखंड के साहिबगंज जिले में हाल ही में सिविल सर्जन के पद पर पुनर्नियुक्त डॉ. रामदेव पासवान ने बीती रात जब औचक निरीक्षण शुरू किया, तो स्वास्थ्य व्यवस्था की असल तस्वीर सामने आई। 2 बजे रात से शुरू हुई इस कार्रवाई में उन्होंने बरहेट सीएचसी, बोरियो सीएचसी और साहिबगंज सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। तीनों ही जगहों पर लापरवाही, अनुपस्थिति और अव्यवस्था पाई गई।
बरहेट सीएचसी में 2:22 बजे मिली अव्यवस्था, कर्मचारी नदारद
डॉ. पासवान ने सबसे पहले बरहेट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। समय था रात 2:22 बजे। अस्पताल में न तो आवश्यक सेवाएं उपलब्ध थीं, न ही अधिकांश कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर उपस्थित पाए गए। मरीजों के लिए जरूरी मेडिकल उपकरणों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल तस्वीर सामने आई।
बोरियो सीएचसी में 2:51 बजे बंद गेट, डॉक्टर तक नहीं मिले
इसके बाद 2:51 बजे डॉ. पासवान बोरियो सीएचसी पहुंचे। अस्पताल का मुख्य गेट बंद मिला। न तो कोई डॉक्टर मौजूद था, न ही कोई सुरक्षा गार्ड या अन्य स्टाफ। सिविल सर्जन को खुद अस्पताल का गेट खोलकर निरीक्षण करना पड़ा। इस स्तर की लापरवाही पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और आवश्यक कार्रवाई के संकेत दिए।
रात 3:33 बजे डॉ. पासवान साहिबगंज सदर अस्पताल पहुंचे। यहां भी कई जरूरी सुविधाएं अनुपलब्ध थीं और कई कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए। मरीजों की देखभाल से जुड़े संसाधनों की कमी और व्यवस्थागत खामियों ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए।
साहिबगंज स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, सिविल सर्जन ने दिखाए कड़े तेवर
डॉ. रामदेव पासवान ने औचक निरीक्षण के बाद स्पष्ट किया कि वह स्वास्थ्य सेवा में सुधार को लेकर कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि विभागीय लापरवाही को लेकर जल्द ही सख्त कदम उठाए जाएंगे। उनकी सक्रियता ने जिले के स्वास्थ्य तंत्र में हलचल पैदा कर दी है, और कर्मचारियों में जवाबदेही की भावना लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।

